जीवन संतुलन का नाम है पार्थ | Bhagavad Gita: Chapter 6, Verse 5 || Narvent Fainted

जीवन संतुलन का नाम है पार्थ | Bhagavad Gita: Chapter 6, Verse 5 || Narvent Fainted01:25

Інформація про завантаження та деталі відео जीवन संतुलन का नाम है पार्थ | Bhagavad Gita: Chapter 6, Verse 5 || Narvent Fainted

Автор:

Madhav's Spiritual Edits

Дата публікації:

21.07.2025

Переглядів:

1.2M

Опис:

"मनुष्य स्वयं का मित्र भी है और शत्रु भी।" श्रीमद्भगवद् गीता के इन दिव्य श्लोकों में जीवन का सबसे बड़ा रहस्य छिपा है। अगर तुमने अपने मन, अहंकार और इंद्रियों को जीत लिया – तो तुमने संसार जीत लिया। यह वीडियो हर उस आत्मा के लिए है जो शांति, ज्ञान और अपने सच्चे स्वरूप की तलाश में है।